Tu Meri Rooh Mein Rehta Hai — cover art
रोमांटिक

Tu Meri Rooh Mein Rehta Hai

Rooh Music Studio · गीत के बोल

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मुखड़ा — तीनों आवाज़ें साथ

तू मेरी रूह में रहता है,
तू मेरी धड़कन में बहता है,
मैं तुझको जितना भूलूँ भी,
दिल तेरा नाम ही कहता है...

तू मेरी रूह में रहता है,
तू मेरी धड़कन में बहता है,
मेरी हर साँस की सरगम में,
बस तेरा नग़मा रहता है...

अंतरा 1 — तीनों आवाज़ें harmony में

जब शाम ढले तेरी यादों की,
चुपके से हवा महकाती है,
इक मीठी सी बेचैनी फिर,
सीने में आग लगाती है...

आँखों में तेरा चेहरा है,
होठों पे तेरा अफ़साना,
तू दूर रहे तो क्या ग़म है,
दिल ने तुझे अपना माना...

तू मेरी रूह में रहता है,
तू मेरी धड़कन में बहता है,
मैं तुझको जितना भूलूँ भी,
दिल तेरा नाम ही कहता है...

अंतरा 2 — सुर थोड़ा ऊपर उठे

तू पास नहीं फिर भी हर पल,
मेरे ही करीब सा लगता है,
ये इश्क़ तेरी खामोशी का,
हर राज़ अजीब सा कहता है...

मैं रातों में तुझको सुनता हूँ,
तारों में तुझको देखता हूँ,
जिस राह पे तेरी आहट हो,
उस राह पे दिल को रखता हूँ...

तू मेरी रूह में रहता है,
तू मेरी धड़कन में बहता है,
मेरी हर साँस की सरगम में,
बस तेरा नग़मा रहता है...

अंतरा 3 — तीनों आवाज़ें गहरी, भावपूर्ण

ना ताज चाहिए, ना दौलत है,
ना दुनिया की कोई चाहत है,
इक तू मिल जाए इस दिल को,
फिर और कहाँ कोई राहत है...

तू इश्क़ मेरा, तू यार मेरा,
तू ही तो मेरा संसार है,
मेरी हर ख़ुशी का तू मौसम,
मेरी हर दुआ का तू प्यार है...

अंतिम मुखड़ा — तीनों आवाज़ें पूर्ण harmony में

तू मेरी रूह में रहता है,
तू मेरी धड़कन में बहता है,
मैं तुझको जितना भूलूँ भी,
दिल तेरा नाम ही कहता है...

तू मेरी रूह में रहता है...
तू मेरी रूह में रहता है...
मेरी हर साँस की सरगम में,
बस तेरा नग़मा रहता है...