मुखड़ा
तू याद बहुत आता है,
जब दिल अकेला होता है।
तू पास नहीं होता फिर भी,
हर पल तेरा होता है।
तू याद बहुत आता है…
हाँ, याद बहुत आता है…
मेरी हर धड़कन कहती है,
तू याद बहुत आता है…
अंतरा 1
तेरी हँसी की वो आवाज़ें,
अब भी घर में रहती हैं।
खामोश पड़ी इन रातों में,
तेरी बातें चलती हैं।
मैं खिड़की खोलूँ तो अक्सर,
तेरा खयाल चला आता है।
कोई गीत सुनूँ तो जाने क्यों,
तेरा चेहरा याद आता है।
प्री-कोरस
मैं लाख भुलाना चाहूँ तुझको,
दिल कहाँ मेरी सुनता है।
तू दूर सही, पर जाने क्यों,
हर रास्ता तुझ तक मुड़ता है।
मुखड़ा
तू याद बहुत आता है,
जब दिल अकेला होता है।
तू पास नहीं होता फिर भी,
हर पल तेरा होता है।
तू याद बहुत आता है…
हाँ, याद बहुत आता है…
मेरी हर धड़कन कहती है,
तू याद बहुत आता है…
अंतरा 2
तेरे बिना ये शामें मेरी,
कुछ अधूरी लगती हैं।
भीड़ में भी तेरी कमी की,
आहट सी मिलती है।
जो बात तुझे कहनी थी वो,
आज भी दिल में बाकी है।
तू मेरा कल था, तू मेरा आज,
तू ही मेरी कहानी है।
प्री-कोरस 2
कभी अगर तू लौट के आए,
कुछ भी तुझसे कहूँ नहीं।
बस चुपके से तुझे देखूँगा,
और आँखों को बहने दूँगा।
मुखड़ा - अधिक भावुक
तू याद बहुत आता है,
जब दिल अकेला होता है।
तू पास नहीं होता फिर भी,
हर पल तेरा होता है।
तू याद बहुत आता है…
हाँ, याद बहुत आता है…
मेरी हर धड़कन कहती है,
तू याद बहुत आता है…
ब्रिज - Soft, intimate
अगर मोहब्बत नाम है तेरा,
तो ये दिल तेरा ही रहेगा।
तू चाहे जितना दूर चला जा,
प्यार तुझसे कम ना होगा।
फाइनल मुखड़ा - बड़ा emotional
तू याद बहुत आता है,
जब दिल अकेला होता है।
तू पास नहीं होता फिर भी,
हर पल तेरा होता है।
तू याद बहुत आता है…
हाँ, याद बहुत आता है…
मेरी हर धड़कन कहती है,
तू याद बहुत आता है…
आउट्रो
तू याद बहुत आता है…
बहुत याद आता है…